Saturday, July 9, 2016

जय हो स्मार्ट फोन

इन सारे लिख्खाड़ों को हम झेल रहे हैं जी। जैसे भूसे के ढेर में सुई ढूंढी जाती है वैसे ही असली लेखक को ढूंढा जाता है। सारा दिन मोबाइल को घुमाते रहते हैं और बामुश्किल दो-चार लेखक हाथ लगते हैं। जय हो स्मार्ट फोन।
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Wednesday, July 6, 2016

माँ का अभाव – टीस जीवन भर की

अक्सर संतानें माँ के प्रेम का मौल समझ ही नहीं पाती लेकिन जिन किसी को माँ का प्रेम नहीं मिलता उनसे पूछो कि वे इस प्रेम के अभाव को कैसे अनुभूत करते हैं। उनके जीवन की सबसे बड़ी टीस होती है, माँ के प्रेम का अभाव।
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Friday, July 1, 2016

मधुशाला की हाला

शायद आदमी को भगवान ने अतृप्त बनाया है, वह संतुष्ट हो ही नहीं पाता। अपने आपको हमेशा कमतर आंकता है और गम में डूबने को मजबूर हो जाता है। काश हमारे वैज्ञानिक इस समस्या का कोई निदान निकाल सकें।
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Thursday, June 23, 2016

मैं और मेरी बातें

बड़ी से बड़ी समस्याओं का तोड़ है – बातें, जो समाधान कोई ना दे सके वो समाधान है – बातें, दुनिया के सारे सुख जो ना दे सकें वह आनन्द के क्षणों को भोगने का अवसर हैं – बातें। 
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Sunday, May 29, 2016

माइण्ड सेट



माइण्ड सेट
पत्नी घर आज प्यारा बिटवा चला....... यह विदाई गीत बन जाये तो? नहीं पचा पाएंगे ना। हमें तो यही गीत सुनने की आदत है – पी के घर आज प्यारी दुल्हनिया चली.....। इसी सोच से हमारा जीवन बना है। जन्म के साथ ही हमें घुट्टी में ये ही पिलाया गया है और इसे हम कहते हैं माइण्ड सेट।
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Wednesday, May 25, 2016

सपनों का अन्तर

एक तरफ मजदूर बालक खड़ा था तो दूसरी तरफ बार्बी डॉल लिये बालिका। लालन-पालन का अन्तर, सपनों का अन्तर, जमीनी सच्चाई का अन्तर सामने था। शायद गरीब बच्चे के पास सपने नहीं होते और अमीर बच्चों के पास सपनों के अतिरिक्त जमीनी सच्चाई नहीं होती। पोस्ट को पढ़ने के लिये इस लिंक कर क्लिक करें - http://sahityakar.com/wordpress/694-2/

Saturday, April 23, 2016

सेवा करने वाला सम्माननीय

सेवा करने वाला, कमाने वाले से किसी भी दृष्टि से कमतर नहीं होना चाहिये। इसलिये भक्त को भगवान से बड़ा मानते हैं। आप भी घर में जो आपकी सेवा कर रहा हो उसे सम्मान के भाव से देखें ना कि हेय भाव से। और सम्मान का अर्थ ही होता हाँ अपने बराबर मान देना।