Saturday, November 17, 2012

सफल व्‍यक्तित्‍व (Success histories) के संघर्ष देखिये ना कि उनका छिद्रान्‍वेषण करिए

सफलता का मंत्र यदि बाजार में बिकता तो शायद हम सभी खरीद लेते लेकिन यह बाजार में नहीं हमारे अन्‍दर की बुनावट में ही निहित होता है। हमारे जीवन का आग्रह किसी एक बिन्‍दु पर दृढ़ होता जाता है जिसे हम कई बार जुनून की संज्ञा भी देते हैं, तब ही व्‍यक्ति उस क्षेत्र में सफल हो पाता है। शेष पोस्‍ट को पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें - 
http://sahityakar.com/wordpress/%E0%A4%B8%E0%A4%AB%E0%A4%B2-%E0%A4%B5%E0%A5%8D%E2%80%8D%E0%A4%AF%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E2%80%8D%E0%A4%B5-success-histories-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%82/#comments

4 comments:

रविकर said...

उत्कृष्ट प्रस्तुति रविवार के चर्चा मंच पर ।।

Madan Mohan Saxena said...

पोस्ट दिल को छू गयी.......कितने खुबसूरत जज्बात डाल दिए हैं आपने..........बहुत खूब
बेह्तरीन अभिव्यक्ति .आपका ब्लॉग देखा मैने और नमन है आपको और बहुत ही सुन्दर शब्दों से सजाया गया है लिखते रहिये और कुछ अपने विचारो से हमें भी अवगत करवाते रहिये.

अजित गुप्ता का कोना said...

मदन मोहन जी आपका आभार।

प्रेम सरोवर said...

आपका यह पोस्ट पढ़ना अच्छा लगा। मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है।