Thursday, June 23, 2016

मैं और मेरी बातें

बड़ी से बड़ी समस्याओं का तोड़ है – बातें, जो समाधान कोई ना दे सके वो समाधान है – बातें, दुनिया के सारे सुख जो ना दे सकें वह आनन्द के क्षणों को भोगने का अवसर हैं – बातें। 
पोस्ट को पढ़ने के लिये इस लिंक पर क्लिक करें - http://sahityakar.com/wordpress/%E0%A4%AE%E0%A5%88%E0%A4%82-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%87%E0%A4%82/

2 comments:

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शुक्रवार (24-06-2016) को "विहँसती है नवधरा" (चर्चा अंक-2383) पर भी होगी।
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सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
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चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
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हार्दिक शुभकामनाओं के साथ
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

smt. Ajit Gupta said...

आभार।