Monday, March 3, 2014

हनुमान द्वीप से अण्‍डमान द्वीप - प्रकृति का अद्भुत खजाना

अंग्रजों के क्रूर अत्‍याचार को दर्शाता सेलुलर जेल
वीर सावरकर सदृश्‍य हजारों स्‍वातंत्र्य वीरों की तपस्‍थली - अण्‍डमान निकोबार की सेलुलर जेल। ध्‍वनी और प्रकाश का कार्यक्रम प्रसारित हो रहा था। उद्घोषक ने प्रारम्‍भ किया - रामायण काल में जब राम-रावण का युद्ध चल रहा था तब हनुमान संजीवनी बूटी की तलाश में इसी मार्ग से गुजरे थे और उन्‍होंने इसी द्वीप पर विश्राम किया था।
पोस्‍ट को सम्‍पूर्ण पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें - http://sahityakar.com/wordpress/ 

4 comments:

प्रतिभा सक्सेना said...

आगे की उत्सुक प्रतीक्षा !

Digamber Naswa said...

खुल नहीं रहा ये लिंक ... कुछ तो समस्या है ...

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

बहुत सुन्दर प्रस्तुति...!
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आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल मंगलवार (04-03-2014) को "कभी पलट कर देखना" (चर्चा मंच-1541) पर भी होगी।
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सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
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हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

smt. Ajit Gupta said...

नासवा जी, www.sahityakar.com पर क्लि करें।