Tuesday, November 9, 2010

आज स्‍वीट सिक्‍सटी में प्रवेश का दिन – अजित गुप्‍ता

इस दुनिया में तकरीबन सभी लोग अपने आने की सूचना देते हैं, तो उनका गाजे-बाजे और ढोल-नगाड़ों के साथ स्‍वागत भी होता है। लेकिन हम तो दबे पाँव ही इस दुनिया में चले आए। जब हमारी माँ को कई महिनों बाद पता लगा कि अरे कोई नवीन शायद आ रहा है तो घर भर में खलबली मच गयी कि अब और नहीं। कारण लड़की का होना नहीं था बस अब और संतान नहीं चाहिए थी क्‍योंकि पहले ही हमारे घर पर हाऊस फुल का बोर्ड टंग चुका था। लड़के सात हो चुके थे तो लड़कों से भी पेट भर गया था और एक लड़की भी अन्‍त में आ चुकी थी तो घर पूरा बन चुका था। लेकिन अब क्‍या कर सकते थे? हमारा भाग्‍य तो विधाता ने तभी लिख दिया था कि इस दुनिया में वाण्‍टेड नहीं हो। लेकिन हमने भी ठान ली थी कि अनवाण्‍टेड हैं तो क्‍या एक दिन लोगों के दिलों में राज करके बताएंगे। भगवान ने भेजा हमें अलटप्‍पू में ही था लेकिन भेजा था खास बनाकर। हम बचपन से ही खास बन गए, पता नहीं क्‍यों? जोर जबरदस्‍ती ही जब घर में घुसे थे तो जबरदस्‍त तो होने ही थे।
साधारण बचपन में भी जीवन असाधारण था। पिता का कठोर अनुशासन था या यूं कहें कि उनका बनाया हुआ ही शासन था। घर में उनकी मर्जी के बिना पत्ता नहीं हिल सकता था। वे जो कहें केवल वही सत्‍य। उन्‍होंने ही जीवन का निर्धारण किया। हम कर भी क्‍या सकते थे? पिताजी के सामने अच्‍छे-अच्‍छों की नहीं चलती थी तो हमारी क्‍या बिसात थी? उन्‍होंने हमें लड़कों की तरह ही पाला तो स्‍वीट सिक्‍सटीन कब हुए पता ही नहीं चला। प्‍यार व्‍यार क्‍या होता है इस चिड़िया का तो कभी पंख भी नहीं फड़फड़ाया। जैसे सब की शादी होती है हमारी भी हो गयी, हाँ कुछ रोचक तरीके से जरूर हुई। ना ना करते शादी तुम्‍ही से कर बैठे वाले अंदाज में। महिला होने का फायदा शादी के बाद भी नहीं मिला। दिल विल प्‍यार व्‍यार क्‍यों होता है पता ही नहीं चला और दिमाग में कर्तव्‍य आकर बैठ गया। तब से अब तक कर्तव्‍य ही निभाते रहे। पाँच वर्ष पूर्व दोनों बच्‍चों का विवाह भी कर दिया और दोनों के एक-एक संतान भी हो गयी। मतलब अपनी ड्यूटी पूर्ण। अब जीवन में आनन्‍द ही आनन्‍द।
आज अंग्रेजी तारीख से हमारा जन्‍मदिन पड़ता है, भारतीय तारीख तो देव उठनी ग्‍यारस की है तब शुभ मुहुर्त्त प्रारम्‍भ होते हैं, अर्थात् हमारे जन्‍म के बाद से ही शुभ प्रारम्‍भ होता है। लेकिन 9 नम्‍बर भी बुरा नहीं था तो हमने एक सा और सरलता का चुनाव करते हुए अंग्रेजी तारीख को अपना ही लिया। घर में तो आज भी वही ग्‍यारस है। इतनी लम्‍बी चौड़ी बात लिखने का अर्थ यह है कि हमने जोर जबरदस्‍ती से 59 वर्ष पूर्ण कर लिए हैं और अब स्‍वीट सिक्‍सटी में प्रवेश कर लिया है। स्‍वीट सिक्‍सटीन की याद नहीं तो स्‍वीट सिक्‍सटी ही सही। इस आयु को पूर्ण कर लेने के बाद बहुत सारे सरकारी प्रिविपर्स चालू हो जाते हैं तो एक वर्ष तो स्‍वीट सिक्‍सटी का उल्‍लास मनाएंगे और फिर सरकारी सुविधाओं का आनन्‍द उठाएंगे। आप सभी बधाई तो देंगे ही तो मैं पहले ही सभी का आभार मान लेती हूँ। आज प्रकृति भी मेहरबान है तो सुबह से ही उसने भी हमारे स्‍वागत के लिए वर्षा जल का छिड़काव कर दिया है तो भगवान का भी आभार। उसने हमें भेजा दबे पैर था लेकिन अब हम सबके सामने  प्रसन्‍नता से खड़े हैं उस प्रभु के आशीर्वाद से ही। आप सभी का स्‍नेह बना रहे, इसी आशा और विश्‍वास के साथ जन्‍मदिन पर आप सभी को मेरा नमन। 

75 comments:

सतीश सक्सेना said...
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सतीश सक्सेना said...

शुभकामनायें आपको स्वीट सिक्सटी बनने के लिए ...हालाँकि अधिकतर स्वीट सिक्सटी अपने खडूसपने के लिए बदनाम होते हैं :-))
उम्मीद है आप अपवाद रहेंगी और स्वीट सिक्सटीन में अपनी जगह आसानी से बनाने में कामयाब रहेंगी !
दोबारा शुभकामनायें

ajit gupta said...

हा हा सतीश जी, कहावत है कि सठिया गया है। लेकिन हम तो जोर जबरदस्‍ती वाले हैं तो अभी सिक्‍सटीन ही रहेंगे। आभार।

फ़िरदौस ख़ान said...

आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं...

वाणी गीत said...

स्वीट सिक्सटी पूरे करने की बहुत बधाई व शुभकामनायें ...!
दुआ और उम्मीद है कि आप इस उम्र से जुडी कहावत को झूठा साबित कर दिखाएंगी ..:):)

डॉ. नूतन - नीति said...

जन्म दिन मुबारक हो.. स्वीट सिक्सटीन हो या स्वीट सिक्सटी हो ..स्वीट का उम्र से कुछ लेना देना नहीं...जो सीट है वो स्वीट है...... और अजित जी जरूर स्वीट होंगी... चाहे बनावटी कडुवे का भी मुखोटा ओड़ लें...
बार बार दिन ये आये ... बार बार दिल ये गए ..
टू जिए हजारो साल .. ये है मेरी आरजू.......happy birth day to you..

हरकीरत ' हीर' said...

जन्मदिन की बहुत बहुत हार्दिक बधाइयाँ ....!!

राजेश उत्‍साही said...

सठियाने की बजाय 'जबरियाने' की बहुत बहुत बधाई। माफ करें आपसे छोटा हूं,पर आज के दिन तो कम से कम यह कहे हुए नहीं रहा जा रहा कि आपके लेखन की तरह ही आपके चेहरे से भी तेज टपकता है। यह तेज और बढ़े और आपका यह अंदाज सलामत रहे यही शुभकामना है।
शनिवार को हम भी आ रहे हैं। मतलब इस शनिवार को हमारा प्रकटीकरण दिवस है।

प्रतिभा सक्सेना said...

स्वीट तो आप हमेशा रहेंगी-सिक्स्टी से बढ़ कर नानाइनटीज़ तक भी .आपके यही तेवर आपको सदा ऐसा ही प्रखर ,मुखर और चैतन्य बनाए रखें !

नरेश सिह राठौड़ said...

जनम दिन मुबारक हो | आपके इस बारे में विचार जानकर अच्छा लगा |

अन्तर सोहिल said...

जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनायें

प्रणाम

निर्मला कपिला said...

अजित जी आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें। स्वीट सिक्सटी क्यों मुझे तो आप अभी भी स्वीट सिक्सटीन ही लगती हैं ये तो तय है कि आप कभी बूढी नही होंगी। आपकी सफलता और स्वास्थ्य के लिये कामना करती हूँ। बधाई। हमारी बर्फी रखियेगा।

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

अजीत जी ,

सिक्सटी हो या सिक्सटीन बस स्वीट होना चाहिए ...सच तो यह है कि सिक्सटीन की उम्र में तो हम यह जानते भी नहीं थे कि यह उम्र स्वीट की है ..और अब बस सुनते हैं की १७ साल की उम्र में स्वीट के साथ लवली भी लग जाता है .. तो हम तो यही दुआ कर रहे हैं कि इस सिक्सटी के स्वीट के साथ लवली लगा दें ...तो स्वीट और लवली सिक्सटी के लिए बहुत बहुत बधाई ....

Poorviya said...

janam din ki bahut bahut badahi ho.
aaj aap senior citizen ki seema rekha main pravesh kar rahi hai.
badhai ho.

अमित शर्मा said...

आपको जन्मदिन की हार्दिक बधाई!
आप अपने प्रेरणादायी जीवन से हम बच्चों को प्रेरणा प्रदान करतीं रहें यही मंगलकामना

अमित शर्मा said...

साठ वाले सठियाते ही थोड़े है......................एक कहावत भी तो है : "साठा सो पाठा" ..............अब इस पाठा का जो भी मतलब हो पर इस सन्दर्भ के लिए तो यही भाव है की आप हमें सुखि जीवन जीने के पाठ पढ़ाते रहें :)

वन्दना said...

आपको जन्मदिन की हार्दिक बधाई………………यही कहूँगी
बार बार दिन ये आये बार बार दिल ये गाये
आप रहें हमेशा स्वीट स्वीट स्वीट स्वीट
फिर चाहे सिक्स्टी हो या सिक्सटी्न

वैसे शुरु का पढ कर लगा जैसे इतिहास दोहरा रहा हो………आखिर हम भी उसी अन्वांटेड कैटेगरी मे थे आप ही की तरह……………हा हा हा

एक बार फिर हार्दिक शुभकामनायें।

shalini kaushik said...

janamdin mubarak ho par ajit ji ab sweet nahi namkeen kyonki sugar ka khatra hai.be careful..

कविता रावत said...

आपको जन्मदिन की बहुत बहुत हार्दिक शुभकामनाएं...

shikha varshney said...

अरे वाह आज तो मेरी मम्मा का भी जन्म दिन है.आपको बहुत बहुत शुभकामनाये स्वीट सिक्सटी की.

अजय कुमार झा said...

मुबारक हो जी स्वीटी जी ..आप तो हमें भी इंतज़ार लगा गए ..जाने हम कब तक हो पाते हैम ...बहरहाल आपको तो बधाई बधाई

cmpershad said...

स्वीट सिक्स्टी में जीवन स्वीट सिक्स्टीन सा बीते :)

संजय कुमार चौरसिया said...

आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं

ZEAL said...

.

जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं !!

.

Ruchi said...

Happy Sweet Sixty Mausi!!

डॉ टी एस दराल said...

बहुत रोचक अंदाज़ में लिखा है आपने ।
साठवें जन्मदिन की हार्दिक बधाई ।

Vivek Rastogi said...

जन्मदिन की बहुत बहुत शुभकामनाएँ..

स्वीट सिक्सटी क्लब का गठन कर लीजिये हिन्दी ब्लॉग जगत में.. :)

राज भाटिय़ा said...

अजीत गुप्ता जी आपको जन्मदिन की बहुत बहुत हार्दिक बधाइयाँ और शुभकामनाएं !

संगीता पुरी said...

सिक्‍स्‍टी होने की खुशी तो है .. बस सठियाइएगा मत .. इसके मामले में व्‍यस्‍तता सबसे कारगर होती है .. जन्‍म दिन की बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएं!!

दिव्यांशु भारद्वाज said...

जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं

प्रतुल वशिष्ठ said...

..

जन्मदिन की बहुत बहुत शुभकामनाएँ!

..

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

जन्मदिन की बहुत-बहुत शुभकामनाएं!

प्रवीण पाण्डेय said...

जन्मदिन की शुभकामनायें, अब तो आनन्द के दिन प्रारम्भ हुये हैं।

केवल राम said...

अजित जी ..पोस्ट तो मैंने सुबह पढ़ ली थी , पर टिप्पणी नहीं कर पाया ....आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें .....आपने स्वीट सिक्सटी में प्रवेश किया है , ईश्वर करे आपकी आयु दीर्घ हो ताकि आपका अनुभव और आशीर्वाद रूपी मार्गदर्शन हमें निरंतर मिलता रहे ...खास कर मुझे ....हार्दिक बधाई

Dorothy said...

अनगिन आशीषों के आलोक वृत्त में
तय हो सफ़र इस नए बरस का
प्रभु की महिमा के परिमल से
सुवासित हो हर पल जीवन का

जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं.
सादर,
डोरोथी.

अनामिका की सदायें ...... said...

स्वीट सिक्सटीन उर्फ सिक्सटी की बाली उम्र के दौर में पहुँचने के लिए आपको लख लख बधाइयाँ जी. आप तो डा.है मिठाई तो खिलाएंगी नहीं...चलो आपके नाम का राशोगुल्ला हम खुद ही खा के हैप्पी बर्थ डे का सोंग गुण गुना लेते हैं.

बस प्रार्थना है की आप सठिया ना जाएँ.

एक बार फिर जन्म दिन की शुभकामनाएं.

ललित शर्मा said...

आप तो स्विट सिक्स्टी में आ गयी। हम सिक्स्टी पार कर लें वही बहुत है। अभी छोरे छोरी का ब्याह करना है और भी बहुत जिम्मेदारी है।

आपको जन्मदिन की शुभकामनाएं और बधाई।

Archana said...

आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं...

anshumala said...

सठियाते तो वो है जो जीवन में कुछ करते नहीं और बस दूसरो को देख मन ही मन कुढ़ते रहते है और उनके सठियाने के लिए उनका ६० का होना भी जरुरी नहीं है | पर आप ना केवल अपने जीवन में बहुत कुछ बराबर कर रही है एक ऊँचा मुकाम हासिल किया है बल्कि दूसरो को मार्ग दर्शन भी दे रही है तो जी ऐसी सिस्टी तो स्वीट ही हुई ना सठियाने वाला साठ थोड़े ही |

आप को जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाये |

अविनाश वाचस्पति said...

इंतजार करता रहा
कोशिश कर नहीं पाया
न सोलहवीं टिप्‍पणी
और न साठवीं टिप्‍पणी
दर्ज कर पाया
39वीं ही सही
सही है कही
16 या 60
साठ दूनी आठ
बचपन का असली
शुरू हुआ है पाठ।

बचपन के पाठ के
अजब निराले ठाठ
साठ हो या हो आठ।

बांध लो गांठ
सब कुछ है गठरिया बांधने को
सच्‍चाई की
न न सच्‍चाई की नहीं
सच्‍चाई की गठरिया दो खोल
बिखरने दो सच्‍चाई को
खिलखिलाने दो रसमलाई को
चेहरे की रोशनाई को
विचारों की शहनाई को
मिठाई में बालूशाही को।
देशी घी में चुपड़ी दो रोटियां

महामारी तरकारी हुई है, फसल इसकी भारी हुई है : सोपानस्‍टेप नवम्‍बर 2010 अंक में

मो सम कौन ? said...

आदरणीय मैडम,
जन्मदिन की बधाई तो अलग से दे चुके, ये कमेंट आपकी पोस्ट पर।
जिस बिंदास अंदाज में आज की पोस्ट है, हम आपको स्वीट सिक्सटीन की ही मान रहे हैं। जिस जिंदादिली से आपने अपने जन्म से लेकर अगले साल आने वाले सरकारी प्रिवीपर्स का जिक्र किया, आनंद आ गया।
भगवान से प्रार्थना है कि आने वाला समय आपके व आपके परिवार के लिये हर प्रकार से शुभ हो। ऐसे ही आपका मार्गदर्शन हमें प्राप्त होता रहे।

महफूज़ अली said...

आज ममा का जन्मदिन है... और मुझे पता ही नहीं चला... कोई बात नहीं ... मैं जल्दी ही हॉस्पिटल से डिस्चार्ज हो रहा हूँ... फिर ममा का जन्मदिन मनाता हूँ.... ममा मैं सुबह फ़ोन करूँगा आपको....

आपको जन्मदिन की बहुत बहुत बधाई....

एस.एम.मासूम said...

साथ साल पूरे करने की मुबारकबाद.

वन्दना अवस्थी दुबे said...

बहुत बहुत शुभकामनायें.

ऋषभ Rishabha said...

षष्ठिपूर्ति वर्षप्रवेश की मंगलमय वेला में शुभकामना कि -
'देखें शत शरदों की शोभा
जिएँ सुखी सौ वर्ष!!'

dhiru singh {धीरू सिंह} said...

षष्ठीपूर्ति पर हार्दिक मंगलकामनाये .
पुरुषो के लिये तो कहा जाता है साठा सो पाठा ...महिलाओ को क्या कहेंगे मालूम नही :-)

dhiru singh {धीरू सिंह} said...

षष्ठीपूर्ति पर हार्दिक मंगलकामनाये .
पुरुषो के लिये तो कहा जाता है साठा सो पाठा ...महिलाओ को क्या कहेंगे मालूम नही :-)

Sunil Kumar said...

जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं !!

जी.के. अवधिया said...

ये जीवन है इस जीवन का यही है यही है यही है रंग रूप...

जन्मदिवस की बहुत बहुत बधाइयाँ!

हम भी इसी वर्ष सीनियर सिटीजन वाली जमात में पहुँचे हैं। :)

गिरिजेश राव said...

शुभमस्तु!
आशीर्वाद स्वीकारें आर्ये!
आप मुझसे 5 दिन छोटी जो हैं :)

Tarkeshwar Giri said...

My Dear Sweet Sixteen Aunty : Happy Birthday

हरीश प्रकाश गुप्त said...

सिक्सती या सिक्सटीन, कोई फरक नहीं पड़ता। आप जो भी हैं, जैसी भी हैं, अच्छी हैं। बस जन्म दिन आता रहे और आप ऐसे ही लिखती रहें।

आपको जन्मदिन की बहुत बहुत शुभकामनाएँ।

महेन्द्र मिश्र said...

शुभकामनायें...

दर्शन लाल बवेजा said...

जन्मदिन की बहुत बहुत हार्दिक बधाइयाँ ....!!

आपकी हथेली में छेद
क्या होता है इन्द्रधनुष?

ajit gupta said...

आप सभी की शुभकामनाएं मेरे लिए वर्ष भर पाथेय का कार्य करेंगी। संगीता पुरी जी सहित कई लोगों की आशंका है कि कहीं सठिया ना जाऊँ, तो जैसा आप सभी का साथ होगा वैसा ही व्‍यवहार भी होगा। कहते है ना कि साथ का बहुत असर होता है। लेकिन मुझे विश्‍वास है स्‍वयं पर भी और आप सभी पर भी कि हम सब मिलकर किसी को भी सठियाने नहीं देंगे। बस हँसी-खुशी अपना जीवन बिताएंगे। पुन: आप सभी का आभार।

दिगम्बर नासवा said...

आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं..

विवेक सिंह said...

खुदा महफ़ूज रक्खे हर बला से !

स्वीट सिक्स्टी में प्रवेश की बहुत बहुत बधाई ।

Arvind Mishra said...

अगले वर्ष हम ब्लॉगर आपकी षष्टिपूर्ति मनायेगें ! बहुत शुभकामनाएं !

Vijai Mathur said...

jeevan ka yah varsh bhee MANGALMAY ho isee kaamna ke saath nivedan bhee ki ab aur adhik SARVJANIK-HIt ke liye likhen.

राम त्यागी said...

Happy birthday !!!

rashmi ravija said...

आपको जन्मदिन की अनेको शुभकामनाएं और बधाई...
कभी वक्त मिले तो 'शोभा डे ; की पुस्तक Swinging Sixties जरूर पढ़िए. उनके लेखन को लेकर विवाद है...सबको पसंद नहीं आता पर यह पुस्तक उन्होंने अच्छी लिखी है.

mahendra verma said...

स्वीट सिक्स्टी में प्रवेश करने पर बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएं।

अनुपमा पाठक said...

janmdin ki haardik shubhkamnayen!!!!
sundarta aur rochakta se aatmkathya likha hai....
regards,

रचना दीक्षित said...

अजित जी मैं भी ९ नवम्बरी ही हूँ पर मैं भाई दूज वाली हूँ.आपको जन्मदिन की ढेरों शुभकामनायें स्वीट सिक्सटिन नहीं तो स्वीट सिक्सटी ही सही पर डटे रहिये. अच्छी लगी ये प्रस्तुति.

मनोज कुमार said...

जन्मदिन की अशेष शुभकामनाएं और बधाइयां।
काफ़ी रोचक अंदाज़ में लिखा गया यह आलेख बहुत पसंद आया।

Sadhana Vaid said...

जन्मदिन की हार्दिक बधाइयाँ और शुभकामनाएं अजीत जी ! जीवन के हर रंग को भरपूर सहेजने, सँवारने और जीने का समय तो अब शुरू हुआ है ! और आप जिस तरह से अपने 'ज़बर्दस्त' होने का बखान कर रही हैं यहाँ भी बाज़ी मारने में सबसे आगे आप ही होंगी हमें पूर्ण विश्वास है ! जन्मदिन मुबारक हो !

अनूप शुक्ल said...

जन्मदिन की बधाई!
अब तो आप वरिष्ठ नागरिक हो गयीं- तमाम सुविधाओं की हकदार! वर्धा वालें बुलायेंगे तो बुलायेगा तो कम किराये में काम चल सकता है उनका।

देर से ही सही आपको जन्मदिन की बधाई और स्वस्थ जीवन के लिये मंगलकामनायें।

Mahendra Arya said...

दबे पांव तो खुशियाँ भी आती है ; आपका आगमन - चाहा या अनचाहा सुखद है; आपकी रचनाओं को ये पता नहीं होता की उनको रचने वाला कब और क्यों आया और कब स्वीट सिक्सटी का हो गया ; जब उम्र पचास साठ पार करने लगती है तभी रचनाएँ जवान होती हैं . हार्दिक बधाई आपको उनसठवे जन्मदिन की .

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन said...

आपको हार्दिक बधाई हो अजित जी!

ajit gupta said...

अनूप शुक्‍ल जी,
आप जल्‍दीबाजी बहुत करते हैं, अरे सरकारी प्रीविपर्स 60 पूरे होने पर मिलते हैं। हा हा हाहा। अभी तो हमने कदम भर रखा है, स्‍वीट सिस्‍सटी के हो जाएंगे तब भारतीय रेल हम पर विचार करेगी।

दिलीप कवठेकर said...

आपने तो बडे ही स्वीट अंदज़ से पूरी ज़िंदगी एक पन्ने में सिमट दी. बेबाकी से .

मन की कडुआहट लेखनी में नही उतर जाये, इसका खास ध्यान ज़रूर रखा है, मगर बिन कहे एक उदासी ज़रूर झलक गयी किसी कोने में.

उम्र के इस मोड पर मन चंगा तो हर सू गंगा ही गंगा.

जन्म दिन की बधाईयां स्वीकार करें, और यही चौलबुलापन साठ के बाद भी बरकरार रखें, क्योंखि दुनिया में हमारा दिल ही तो है.

mridula pradhan said...

mubarak ho aapko janmdin aur dhanywad itni achchi baaten kahne ke liye .

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ said...

अरे वाह, मुबारक हो अजित जी। मिठाई विठाई तो मंगवाऍं, कहिए तो सीधे आपके घर चले आऍं।

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मिलिए तंत्र मंत्र वाले गुरूजी से।
भेदभाव करते हैं वे ही जिनकी पूजा कम है।

ajit gupta said...

रजनीश जी,
आपका ही घर है, यदि आएंगे तो लगेगा कि अपना कोई आ गया है। नहीं तो अकेले भी खुश हैं। मिठाई तो आपके आने के बाद स्‍वत: ही आ जाएगी।

शोभना चौरे said...

अजितजी
बहुत बहुत बधाई स्वीट सिक्सटी की |आप इसी तरह स्वीट सिक्सटी में स्वीट सिक्सटिन बनी रहे और हम सबको मार्गदर्शन मिलता रहे |