गुब्बारे में सैर करूँगी
नानी से मिल आऊँगी
जब भी मुझको निदियाँ आए
चन्दा से मिल आऊँगी।
एक टोकरी सपने होंगे
मुठ्ठी में भर लाऊँगी
थोड़ा-थोड़ा सबको दूँगी
आँखों में भर आऊँगी
बगिया में खेलूँगी ऐसे
सबके मन पर छाऊँगी।
नानी की बाँहों का झूला
मम्मी से मैं पाऊँगी
हिचकी-हिचकी याद करूँगी
सपनों में मिल आऊँगी
नानी की पप्पी मैं लेकर
जल्दी वापस आऊँगी।