अजित गुप्‍ता का कोना

श्रीमती अजित गुप्‍ता प्रकाशित पुस्‍तकें - शब्‍द जो मकरंद बने, सांझ की झंकार (कविता संग्रह), अहम् से वयम् तक (निबन्‍ध संग्रह) सैलाबी तटबन्‍ध (उपन्‍यास), अरण्‍य में सूरज (उपन्‍यास) हम गुलेलची (व्‍यंग्‍य संग्रह), बौर तो आए (निबन्‍ध संग्रह), सोने का पिंजर---अमेरिका और मैं (संस्‍मरणात्‍मक यात्रा वृतान्‍त), प्रेम का पाठ (लघु कथा संग्रह) आदि।

Thursday, June 13, 2013

अन्‍तरराष्‍ट्रीय हिन्‍दी सम्‍मेलन में भागीदारी

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पोस्‍ट को पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें -  http://sahityakar.com/wordpress/%E0%A4%85%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E2%80%8D%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A...
Sunday, June 9, 2013

मेवाड़ की पहाड़ियों का सौंदर्य - जिसे लील लेगा प्रसादी का औदार्य

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जिन लोगों ने भी मेवाड़ के वनांचल देखें हैं, वे इनकी खूबसूरती के कायल हुए बिना नहीं रह सकते। उदयपुर के आसपास पहाड़ी क्षेत्र है और यहाँ आज भी...
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Wednesday, June 5, 2013

परखनली को तोड़ती पीढ़ी

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" ये जवानी है दीवानी"। बहुत दिनों बाद किसी थियेटर में देखी गयी यह फिल्‍म। फिल्‍म का नायक - रणवीर कपूर, खुले आकाश में उड़ना चाहता ...
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Thursday, May 30, 2013

Old Age Home - वृद्धाश्रम

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अभी कुछ दिन पूर्व अग्रवाल समाज के एक कार्यक्रम में नीमच जाने का अवसर मिला। युवाओं की स्‍वयंसेवी संस्था ने सुविधा युक्‍त वृद्धाश्रम का न...
Saturday, May 18, 2013

आखिर माँ लौट आयी

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सूरज ढल चुका था, सारे ही पक्षी अपने बसेरों में आ चुके थे। बोगेनवेलिया से चीं-ची की आवाजें तेज होने लगी, मुझे लगा कि माँ लौट आयी है। सारा दि...
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Wednesday, May 15, 2013

नानी का घर या सैर-सपाटा

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हम सभी के बचपन की यादों में नानी का घर है। जैसे ही गर्मियों की शुरुआत हुई, स्‍कूल-कॉलेज बन्‍द हुए और चल पड़े नानी के घर। एक महिना या दो महि...
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Saturday, April 27, 2013

लेखन और पठन का अपना ही मिजाज होता है

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लेखन का भी जैसे एक मिजाज होता है वैसे ही पढ़ने का भी अपना ही मिजाज होता है। हमारी सुबह तय करती है कि आज क्‍या लिखा जाएगा या क्‍या हमारा मन ...
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