अजित गुप्‍ता का कोना

श्रीमती अजित गुप्‍ता प्रकाशित पुस्‍तकें - शब्‍द जो मकरंद बने, सांझ की झंकार (कविता संग्रह), अहम् से वयम् तक (निबन्‍ध संग्रह) सैलाबी तटबन्‍ध (उपन्‍यास), अरण्‍य में सूरज (उपन्‍यास) हम गुलेलची (व्‍यंग्‍य संग्रह), बौर तो आए (निबन्‍ध संग्रह), सोने का पिंजर---अमेरिका और मैं (संस्‍मरणात्‍मक यात्रा वृतान्‍त), प्रेम का पाठ (लघु कथा संग्रह) आदि।

Saturday, April 27, 2013

लेखन और पठन का अपना ही मिजाज होता है

›
लेखन का भी जैसे एक मिजाज होता है वैसे ही पढ़ने का भी अपना ही मिजाज होता है। हमारी सुबह तय करती है कि आज क्‍या लिखा जाएगा या क्‍या हमारा मन ...
2 comments:
Saturday, April 20, 2013

समाज भेड़िये पैदा कर रहा है और समाज के ठेकेदार जनता से सुरक्षा-कर वसूल रहे हैं

›
एक घना और फलदार वृक्ष था, उसमें सैंकड़ों पक्षी अपना बसेरा बनाए हुए थे। उसमें इतने फल लगते थे कि उन सभी पक्षियों का पेट भर जाता था। पास में ...
5 comments:
Saturday, April 13, 2013

मधुमक्‍खी शहद बनाती हैं और मनुष्‍य जहर बनाता है

›
प्रकृति अपने यौवन पर है, बगीचों में जहाँ तक नजर जाती है, फूल ही फूल दिखायी देते हैं। भारतीय त्‍योहार प्रकृति पर आधारित हैं इसी कारण यह मौसम...
4 comments:
Sunday, March 31, 2013

अब तो भईया बूढ़े हो गए, रंग नहीं बस गुलाल ही मल दो

›
होली आकर चले गयी। इसबार हम दुनिया जहान से दूर लेकिन अपनों के बीच चले गए। ना फेसबुक और ना ही ब्‍लाग। वापस आकर देखा तो पोस्‍टों का मेला लगा ह...
5 comments:
Saturday, March 23, 2013

शोक संदेश का वाचन- कितना सार्थक और कितना निरर्थक

›
प्रत्‍येक शहर का अपना दस्‍तूर होता है, त्‍योहार से लेकर मृत्‍यु तक में ऊसका अपना रंग भरा होता है। सभी शहरों के अपने कर्मकाण्‍ड हैं। मृत्‍यु...
1 comment:
Tuesday, March 12, 2013

डॉक्‍टर ने कहा - आप चुप रहिए, बस मुझे सुनिए

›
दुर्भाग्‍य से आपको किसी डॉक्‍टर के पास जाना पड़ जाए, तो आपकी हालत तीन दिन पुराने खिले फूल सी हो जाती है। दिल की धड़कन, भैंस के गले में बंधी...
5 comments:
Friday, March 1, 2013

हम चिड़ियाघर की तरह अपने-अपने कक्ष में बैठे हैं

›
मन कभी-कभी विद्रोह सा कर देता है, वह नकार देता है आपके सारे ही मार्ग। आप जिन मार्गों पर प्रतिदिन चल रहे हैं, जिनके बिना जीवन अधूरा सा दि...
4 comments:
‹
›
Home
View web version

About Me

अजित गुप्ता का कोना
View my complete profile
Powered by Blogger.