अजित गुप्‍ता का कोना

श्रीमती अजित गुप्‍ता प्रकाशित पुस्‍तकें - शब्‍द जो मकरंद बने, सांझ की झंकार (कविता संग्रह), अहम् से वयम् तक (निबन्‍ध संग्रह) सैलाबी तटबन्‍ध (उपन्‍यास), अरण्‍य में सूरज (उपन्‍यास) हम गुलेलची (व्‍यंग्‍य संग्रह), बौर तो आए (निबन्‍ध संग्रह), सोने का पिंजर---अमेरिका और मैं (संस्‍मरणात्‍मक यात्रा वृतान्‍त), प्रेम का पाठ (लघु कथा संग्रह) आदि।

Thursday, August 26, 2010

शहर से बाहर जाना एक ब्‍लागर का और ब्‍लागिंग से दूर होने के मायने – मैं ग्‍वालियर जा रही हूँ –अजित गुप्‍ता

›
मैं देखती हूँ कि अक्‍सर लोग शहर से बाहर जाने पर या काम की व्‍यस्‍तता के कारण ब्‍लाग पर सूचना देते हैं कि हम इतने दिनों के लिए बाहर हैं या फि...
32 comments:
Monday, August 16, 2010

मन गाँव ही ले गया और महिला और पुरुष सरपंच का अन्‍तर भी समझ आ गया

›
कल आजादी का पर्व था और सुबह-सुबह ही धर्म-संकट उपस्थित हो गया। 15 अगस्‍त होने के साथ कल रविवार भी था तो पिकनिक का दिन भी था। सुबह से ही लोग अ...
41 comments:
Thursday, August 12, 2010

मन तो बंदी है आपके व्‍यक्तित्‍व का, उसे कैसे स्‍वतंत्र करोगे? – अजित गुप्‍ता

›
अभी उदयपुर में रिमझिम का दौर जारी है। मन करता है कि बचपन की तरह ही किसी बरसाती नदी के किनारे जाकर बालू रेत पर पैरों से कूदूं और जब पैर अन्‍द...
37 comments:
Tuesday, August 10, 2010

उदयपुर का आमंत्रण देती कुछ तस्‍वीरें, आएंगे ना?

›
बहुत दिनों से ना कुछ लिखा गया और ना ही कुछ विशेष पढ़ा गया। परिवार में जब बच्‍चे साथ हों तो किताबें और नेट चुपचाप से दूर किनारे पर बैठ जाते है...
38 comments:
Sunday, July 25, 2010

व्‍यवस्‍था परिवर्तन करो और भ्रष्‍टाचार से मुक्ति पाओ

›
लगभग 15 वर्ष पूर्व की बात होगी जब दो-तीन सांसदों के पास नोटों से भरे ब्रीफकेस प्राप्‍त हुए थे। जब उनपर कानून का शिकंजा कसने की बात आयी थी तब...
39 comments:
Wednesday, July 21, 2010

पता नहीं हम अपने देश भारत से नफरत क्‍यों करते हैं?

›
 एक सुन्‍दर राजकुमार था, उससे विवाह करने के लिए देश-विदेश की राजकुमारियां लालायित रहती थीं। एक दिन एक विदेशी राजकुमारी ने उस राजकुमार से विव...
48 comments:
Friday, July 16, 2010

आखिर हम ब्‍लाग पर क्‍यों लिखते हैं?

›
आखिर हम ब्‍लाग पर क्‍यों लिखते हैं? कभी आपने यह प्रश्‍न अपने मन से किया? एक ऐसा ही दूसरा प्रश्‍न है कि हम ब्‍लाग पर क्‍या पढ़ते हैं? यह दूसरा...
55 comments:
‹
›
Home
View web version

About Me

अजित गुप्ता का कोना
View my complete profile
Powered by Blogger.