अजित गुप्‍ता का कोना

श्रीमती अजित गुप्‍ता प्रकाशित पुस्‍तकें - शब्‍द जो मकरंद बने, सांझ की झंकार (कविता संग्रह), अहम् से वयम् तक (निबन्‍ध संग्रह) सैलाबी तटबन्‍ध (उपन्‍यास), अरण्‍य में सूरज (उपन्‍यास) हम गुलेलची (व्‍यंग्‍य संग्रह), बौर तो आए (निबन्‍ध संग्रह), सोने का पिंजर---अमेरिका और मैं (संस्‍मरणात्‍मक यात्रा वृतान्‍त), प्रेम का पाठ (लघु कथा संग्रह) आदि।

Friday, February 26, 2010

दोहती का जन्‍मदिन है, आशीष दीजिए

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दिनांक 28 फरवरी को हमारी दोहिती 'मिहिका' उर्फ चीयां का प्रथम जन्‍मदिन है। हम तो उसे आशीष देने आज ही पुणे जा रहे हैं। उसके लिए एक गीत...
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Wednesday, February 24, 2010

जब कोई प्‍यार में हो तब वह सही होता है

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एक फिल्‍म आयी थी ‘जब वी मेट’ उसके नायिका एक संदेश देती है कि जब कोई प्‍यार में हो तो वह बिल्‍कुल सही होता है। फिल्‍म देखने के बाद यह संदेश ग...
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Tuesday, February 23, 2010

ग्‍वालियर किला जो कैदखाने में बदल दिया गया

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 दिनांक 20 फरवरी को हमारी गाड़ी ग्वालियर की सड़कों से होती हुई एक पहाड़ी पर चढ़ने लगी। एक सुदृढ़ किले की दीवारे दिखायी देने लगी और उन दीवारों पर ...
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Thursday, February 18, 2010

माफ करना टिप्‍पणी नहीं कर पाएंगे

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तीन दिन के लिए ग्‍वालियर जा रहे हैं, आपके ब्‍लाग पर नहीं आ पाएंगे और ना ही टिप्‍पणी कर पाएंगे। आने के बाद एक-एक की खबर लेंगे। सच आप लोगों की...
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Wednesday, February 17, 2010

बाराती चलाते हैं एक दिन चमड़े के सिक्‍के

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आज कई शादियों में जाना था लेकिन एक शादी पारिवारिक मित्र के यहाँ थी तो सोचा कि आज बस उन्‍हीं की शादी में रहेंगे बाकि सभी में जाना केंसिल। कार...
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Monday, February 15, 2010

विवाह के बारे में फोकटी सलाह

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मैं पढ़-लिखकर डिग्री-विग्री लेकर शादी के लिए तैयार थी। जैसे ही पढ़ाई पूरी होती है, बस एक ही काम बचता है वह है शादी। पिताजी ने कहा कि तुम अब नौ...
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Saturday, February 13, 2010

अरे आप घर पर ही हैं क्‍या?

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हैलो, फोन उठाते ही सामने से आवाज आयी, अरे आप घर पर ही हैं क्‍या? आश्‍चर्य से भरा स्‍वर सुनाई देता है। हाँ, घर पर नहीं होऊँगी तो कहाँ जाऊँगी?...
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