अजित गुप्‍ता का कोना

श्रीमती अजित गुप्‍ता प्रकाशित पुस्‍तकें - शब्‍द जो मकरंद बने, सांझ की झंकार (कविता संग्रह), अहम् से वयम् तक (निबन्‍ध संग्रह) सैलाबी तटबन्‍ध (उपन्‍यास), अरण्‍य में सूरज (उपन्‍यास) हम गुलेलची (व्‍यंग्‍य संग्रह), बौर तो आए (निबन्‍ध संग्रह), सोने का पिंजर---अमेरिका और मैं (संस्‍मरणात्‍मक यात्रा वृतान्‍त), प्रेम का पाठ (लघु कथा संग्रह) आदि।

Monday, August 31, 2020

खिलौनों का संसार

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www.sahityakar.com अमेरिका में हम एक परिवार से मिलने गये, कुछ देर में ही बात चल पड़ी खिलौनों पर! वे आपस में पूछ रहे थे कि तुम्हारे बच्चे क...
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Friday, August 28, 2020

घौंसला बनाता नर-बया

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www.sahityakar.com शाम को घूमने का एक ठिकाना ढूंढ लिया है, एक ऐसा गाँव जहाँ पर्याप्त घूमने की जगह है। जहाँ जंगल भी है, और जंगल है तो पक्षी...
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Friday, August 21, 2020

हम ऊर्जा कहाँ से लेते हैं?

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  www.sahityakar.com कल माँ और बेटे के बीच हुई रोचक बात सुनिये। परिवार की बात नहीं है ना ही सामाजिक है, विज्ञान की बात है। लेकिन आप सभी को प...
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Friday, July 31, 2020

फेसबुक का कमरा

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www.sahityakar.com हमारे यहाँ कहावत है कि दिन में कहानी सुनोंगे तो मामा घर भूल जाएगा! यहाँ मामा का रिश्ता तो सबसे प्यारा होता है, भला कौन ...
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Wednesday, July 29, 2020

सूरज को पाने की जंग

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www.sahityakar.com हमारे बंगले की हेज और गुलाब के फूल के बीच संघर्ष छिड़ा है, हेज की सीमा बागवान ने 6 फीट तक निर्धारित कर दी है। इस नये...
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Wednesday, July 8, 2020

मैं अभिव्यक्ति हूँ

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www.sahityakar.com जी हाँ मैं अभिव्यक्ति हूँ। अपने अन्दर छिपे हुए भावों को प्रत्यक्ष करने का माध्यम। न जाने कितने प्रकार हैं मेरे! कितन...
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Tuesday, June 16, 2020

पीपल की जड़ें

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www.sahityakar.com हमारी सामाजिक मान्यताएँ पीपल के पेड़ के समान होती हैं, पेड़ चाहे सूख गया हो लेकिन उसकी जड़ें बहुत गहराई तक फैली होती ...
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