अजित गुप्‍ता का कोना

श्रीमती अजित गुप्‍ता प्रकाशित पुस्‍तकें - शब्‍द जो मकरंद बने, सांझ की झंकार (कविता संग्रह), अहम् से वयम् तक (निबन्‍ध संग्रह) सैलाबी तटबन्‍ध (उपन्‍यास), अरण्‍य में सूरज (उपन्‍यास) हम गुलेलची (व्‍यंग्‍य संग्रह), बौर तो आए (निबन्‍ध संग्रह), सोने का पिंजर---अमेरिका और मैं (संस्‍मरणात्‍मक यात्रा वृतान्‍त), प्रेम का पाठ (लघु कथा संग्रह) आदि।

Friday, March 27, 2020

बच्चों सुनाती हूँ तुमको कहानी

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www.sahityakar.com जब भी प्रश्न सामने खड़े हो जाते हैं हम अक्सर भूतकाल में चले जाते हैं, सोचने लगते हैं कि हमने पहले क्या किया था! हमार...
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Thursday, March 26, 2020

लौकी-टिण्डे-तौरई से शिकायत नहीं!

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www.sahityakar.com आभास हो रहा है कि सभी को घर का भोजन रास आ रहा है! लौकी-टिण्डे-तौरई पर गाज नहीं गिर रही है! मंगोड़ी, कढ़ी आदि की पैरव...
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Wednesday, March 25, 2020

मुट्ठी बांध लें

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www.sahityakar.com आज रात नींद नहीं आयी, न जाने कितनों को नहीं आयी होगी! महिलाएं कुछ सोच रही होंगी और पुरुष कुछ और! मुझे सारे काम एक-एक...
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Monday, March 23, 2020

अपने होने के लिये कभी घण्टी ना बजानी पड़े!

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www.sahityakar.com इटली में लोग मर रहे हैं, घरों की बालकनी में आकर बन्द गाड़ियों में जाते शवों को देख रहे हैं फिर उन्हें लगता है कि हमे...
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Sunday, March 22, 2020

एकान्तवास की बातें

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www.sahityakar.com मैंने बचपन से ही स्वयं से खूब बातें की हैं, मुझे कभी एकान्त मिला ही नहीं! मैं कभी अकेली हुई ही नहीं! क्योंकि मेरे सा...
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Friday, March 20, 2020

वह घर जो सपने में आता है!

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www.sahityakar.com मेरे सपने में मेरे बचपन का घर ही आता है, क्यों आता है? क्योंकि मैंने उस घर से बातें की थी, उसे अपना हमराज बनाया था, ...
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Tuesday, March 17, 2020

कुछ तो अच्छा ही हो जाए!

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www.sahityakar.com सारी दुनिया सदमें में एक साथ आ गयी है, ऐसा अजूबा इतिहास में कहीं दर्ज नहीं है। विश्व युद्ध भी हुए लेकिन सारी दुनिया ...
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