अजित गुप्‍ता का कोना

श्रीमती अजित गुप्‍ता प्रकाशित पुस्‍तकें - शब्‍द जो मकरंद बने, सांझ की झंकार (कविता संग्रह), अहम् से वयम् तक (निबन्‍ध संग्रह) सैलाबी तटबन्‍ध (उपन्‍यास), अरण्‍य में सूरज (उपन्‍यास) हम गुलेलची (व्‍यंग्‍य संग्रह), बौर तो आए (निबन्‍ध संग्रह), सोने का पिंजर---अमेरिका और मैं (संस्‍मरणात्‍मक यात्रा वृतान्‍त), प्रेम का पाठ (लघु कथा संग्रह) आदि।

Monday, April 29, 2019

मेरी अंगुली की स्याही ही मेरा लोकतंत्र है

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www.sahityakar.com एक जमाना था जब अंगुली पर स्याही का निशान लगने पर मिटाने की जल्दी रहती थी लेकिन एक जमाना यह भी है कि अंगुली मचल रही है...
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Sunday, April 28, 2019

सौगात किस-किस ने भेजी!

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www.sahityakar.com मैं चोरी-छिपे तुझे सौगात भेजूँ और तू है कि सबको ढोल बजाकर बता दे कि दीदी ने सौगात भेजी है! तू देख, अब मैं तुझे कंकर व...
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Saturday, April 27, 2019

भारत की नाक तेरी जय हो

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www.sahityakar.com भारत की नाक और दादी की नाक का संघर्ष होते-होते रह गया! नाक को नापने जितना भी समय नहीं दिया गया! हमने तो अरमान पाल रखे...
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Friday, April 26, 2019

राजनीति से भी बाहर आ जाओ ना

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www.sahityakar.com टीवी रूम में रिमोट के लिये हर घर में उठापटक मची रहती है, घर के मर्द के पास रिमोट ना हो तो मानो मर्दानगी ही रुक्सत हो ...
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Sunday, April 21, 2019

तेरा अब न्याय होगा

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www.sahityakar.com कोई किसी महिला से पूछे कि तेरा नाम क्या है? तेरा उपनाम क्या है? तेरा देश क्या है? तो महिला सोचने का समय लेगी। क्यों ...
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Thursday, April 18, 2019

अब न्याय होगा?

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www.sahityakar.com किसी ने न्याय को देखा है क्या? विकास को भी तो नहीं देखा था ना! प्रजा के किसी अदने से बंदे ने राजा को ललकार दिया, तत्...
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Friday, April 5, 2019

इस बार वोट पकौड़ों के नाम

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www.sahityakar.com कहावत है कि दिल्ली दिलवालों की है, जब दिलवालों की ही है तो चटपटी होना लाजमी है। चटपटी कहते ही चाट याद आती है और चाट क...
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