अजित गुप्‍ता का कोना

श्रीमती अजित गुप्‍ता प्रकाशित पुस्‍तकें - शब्‍द जो मकरंद बने, सांझ की झंकार (कविता संग्रह), अहम् से वयम् तक (निबन्‍ध संग्रह) सैलाबी तटबन्‍ध (उपन्‍यास), अरण्‍य में सूरज (उपन्‍यास) हम गुलेलची (व्‍यंग्‍य संग्रह), बौर तो आए (निबन्‍ध संग्रह), सोने का पिंजर---अमेरिका और मैं (संस्‍मरणात्‍मक यात्रा वृतान्‍त), प्रेम का पाठ (लघु कथा संग्रह) आदि।

Thursday, August 30, 2018

इन मेहंदी से सजी हथेलियों के लिये

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कभी आपने जंगल में खिलते पलाश को देखा है? मध्यम आकार का वृक्ष अपने हाथों को पसारकर खड़ा है और उसकी हथेलियों पर पलाश के फूल गुच्छे के आकार म...
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Monday, August 27, 2018

बहन की मुठ्ठी में सम्मान रख दो

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कई बार आज का जमाना अचानक आपको धक्का मारता है और आप गुजरे हुए जमाने में खुद को खड़ा पाते हैं , कल भी मेरे साथ यही हुआ। बहने सज-धज कर प्रे...
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Friday, August 24, 2018

#कुम्भलगढ़ जब बोल उठा

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एक सुन्दर सी पेन्टिंग मेंरे सामने थी, लेकिन मुझे उसमें कुछ कमी लग रही थी। तभी दूसरी पेन्टिंग पर दृष्टि पड़ी और मन प्रफुल्लित हो गया। एक छो...
Wednesday, August 22, 2018

यह भी बलात्कार का ही मामला है

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अमेरिका में मैंने देखा कि वहाँ पर हर प्राणी के लिये नियत स्थान है , मनुष्य कहाँ रहेंगे और वनचर कहाँ रहेंगे , स्थान निश्चित है। पालतू जा...
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Monday, August 20, 2018

डिजिटल होते स्वर्ग

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कोई आपको फोलो करने को कहे और एक के बाद एक आदेश दे कि अब यह करे और अब यह करें! आप क्या करेंगे? मेरी दो राय है, यदि महिला है तो फोलो आसानी स...
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Monday, August 6, 2018

मित्र मिला हो तो बताना

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दुनिया में सबसे ज्यादा अजमाया जाने वाला नुस्खा है – मित्रता। एलोपेथी , आयुर्वेद , होम्योपेथी , झाड़-फूंक आदि-आदि के इतर एक नुस्खा जरूर...
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Saturday, August 4, 2018

प्रेम का यही पुश्तैनी ठिकाना है #fatehsagar

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कभी आप उदयपुर में राजीव गांधी पार्क के सामने फतेहसागर को निहारने के लिये खड़े हुए हैं? मुझे तो वह दृश्य दीवाना बनाता है। चारों तरफ अराव...
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