अजित गुप्‍ता का कोना

श्रीमती अजित गुप्‍ता प्रकाशित पुस्‍तकें - शब्‍द जो मकरंद बने, सांझ की झंकार (कविता संग्रह), अहम् से वयम् तक (निबन्‍ध संग्रह) सैलाबी तटबन्‍ध (उपन्‍यास), अरण्‍य में सूरज (उपन्‍यास) हम गुलेलची (व्‍यंग्‍य संग्रह), बौर तो आए (निबन्‍ध संग्रह), सोने का पिंजर---अमेरिका और मैं (संस्‍मरणात्‍मक यात्रा वृतान्‍त), प्रेम का पाठ (लघु कथा संग्रह) आदि।

Friday, June 29, 2018

विश्वास बड़ी चीज है

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विश्वास बड़ी चीज होती है , लेकिन यह बनता-बिगड़ता कैसे है , इसका किसी को पता नहीं। शतरंज का खेल सभी ने थोड़ा बहुत खेला होगा , खेला नहीं...
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Tuesday, June 26, 2018

रानी की खीर में लाल चावल

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एक लघु कथा याद आ रही है , आपको भी सुनाए देती हूँ – एक महारानी थी , उसे देश के विद्वानों का सम्मान करने और उन्हें भोजन पर आमंत्रित करने ...
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Saturday, June 23, 2018

हिन्दुस्थान फिर गुलाम होने लगता है

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ईसा से 350 साल पहले एलेक्जेन्डर पूछ रहा था कि हिन्दुस्थान क्या है ? यहाँ के लोग क्या हैं ? लेकिन नहीं समझ पाया! बाबर से लेकर औरंगजेब तक...
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Friday, June 15, 2018

जय कन्फ्यूज्ड देवा

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जय कन्फ्यूज्ड देवा हम भारतीयों की एक आदत है और अमूमन सब की ही है। आप पूछेंगे क्या! अजी बताते हैं। किसी भी   बात में अपना थूथन घुसाना ...
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Tuesday, June 5, 2018

दस का दम

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कल दस का दम सीरियल देखा , सलमान खान इसे होस्ट कर रहे हैं। बड़ी निराशा हुई सीरियल देखकर , सलमान की ऊर्जा जैसे छूमंतर हो गयी हो! नकली हँस...
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Monday, June 4, 2018

जैसा देव वैसा पुजारी

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कहावत है – जैसा देव वैसा पुजारी। काली माता का विभत्स रूप , तो पुजारी भी शराब का चढ़ावा चढ़ाते हैं , बकरा काटते हैं। डाकू गिरोह में डाकू...
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Wednesday, May 2, 2018

शेर की किरकिरी

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शेर और शेर के बच्चों से परेशान होकर मैंने सच्चे शेर की तलाश में नेशनल ज्योग्राफी चैनल पर दस्तक दे दी। खोलते ही जो दृश्य था वह बता दूं – ए...
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