अजित गुप्‍ता का कोना

श्रीमती अजित गुप्‍ता प्रकाशित पुस्‍तकें - शब्‍द जो मकरंद बने, सांझ की झंकार (कविता संग्रह), अहम् से वयम् तक (निबन्‍ध संग्रह) सैलाबी तटबन्‍ध (उपन्‍यास), अरण्‍य में सूरज (उपन्‍यास) हम गुलेलची (व्‍यंग्‍य संग्रह), बौर तो आए (निबन्‍ध संग्रह), सोने का पिंजर---अमेरिका और मैं (संस्‍मरणात्‍मक यात्रा वृतान्‍त), प्रेम का पाठ (लघु कथा संग्रह) आदि।

Thursday, December 14, 2017

सच के दो चेहरे – मुक्ति भवन फिल्म की पड़ताल

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कई दिनों से मुक्ति भवन की कहानी दिमाग में घूम रही है , न जाने कितने पहलू पर विचार किया है , किसके क्या मायने हैं , समझने की कोशिश कर रह...
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Tuesday, December 5, 2017

मेक्सीकन जरूरत भी हैं और चुनावी मुद्दा भी

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नेता बनने के लिये एक मुद्दा चाहिए, बस ऐसा मुद्दा जो जनता को भ्रमित करने की ताकत रखता हो, बस ऐसा मुद्दा ढूंढ लीजिये और बन जाइए नेता। अमेर...
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Wednesday, November 29, 2017

ब्लेक फ्राइडे पर खरीददारी

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थैक्स गिविंग गुरुवार को और ब्लेक फ्राइडे दूसरे दिन। पता नहीं ब्लेक क्यों कहा गया, शायद उस दिन भारी छूट के साथ बाजार खुलता है इसलिये या कुछ...
Friday, November 24, 2017

थैंक्स गिविंग और परिवार का एकत्रीकरण

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आज नवम्बर मास का चौथा गुरूवार है और अमेरिका में इस दिन त्योहार का मौसम होता है। पूरे अमेरिका में छुट्टी का दिन। कल तक हर व्यक्ति यात्रा कर...
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रंगीन पतझड़ के नजारे

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गाँव के झोपड़े सभी ने देखे होंगे, उनमें खिड़की नहीं होती है और ना ही वातायन। मुझे लगता था कि धुआँ घर में भर जाता होगा लेकिन अमेरिका आकर सम...
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Thursday, November 16, 2017

क्या युद्ध भी आत्महत्या है?

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हम युद्ध क्यों करते हैं? एक देश दूसरे देश से युद्ध क्यों करता है? क्या हमें पता नहीं है कि युद्ध में मृत्यु ही प्राप्य है? यदि कोई ऐसा द...
Tuesday, November 14, 2017

मैं इधर जाऊँ या उधर जाऊँ

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जब से अमेरिका का आना-जाना शुरू हुआ है तब से अमेरिका के बारे में लिख रही हूँ, 10 साल से न जाने कितना लिख दिया है और एक पुस्तक भी प्रकाशित...
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