अजित गुप्‍ता का कोना

श्रीमती अजित गुप्‍ता प्रकाशित पुस्‍तकें - शब्‍द जो मकरंद बने, सांझ की झंकार (कविता संग्रह), अहम् से वयम् तक (निबन्‍ध संग्रह) सैलाबी तटबन्‍ध (उपन्‍यास), अरण्‍य में सूरज (उपन्‍यास) हम गुलेलची (व्‍यंग्‍य संग्रह), बौर तो आए (निबन्‍ध संग्रह), सोने का पिंजर---अमेरिका और मैं (संस्‍मरणात्‍मक यात्रा वृतान्‍त), प्रेम का पाठ (लघु कथा संग्रह) आदि।

Friday, November 23, 2012

केरियर, बॉस और विदेश के कारण विस्‍मृत पिता और परिवार

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केरियर, बॉस और विदेश के कारण विस्‍मृत पिता और परिवार - इस पोस्‍ट को पूर्ण रूप से पढ़ने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें -  http://sahity...
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Saturday, November 17, 2012

सफल व्‍यक्तित्‍व (Success histories) के संघर्ष देखिये ना कि उनका छिद्रान्‍वेषण करिए

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सफलता का मंत्र यदि बाजार में बिकता तो शायद हम सभी खरीद लेते लेकिन यह बाजार में नहीं हमारे अन्‍दर की बुनावट में ही निहित होता है। हमारे जीवन...
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Saturday, November 10, 2012

जन्‍मदिन पर स्‍वयं की पड़ताल - सामाजिक कार्यकर्ता की विडम्‍बना

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जन्‍मदिन पर स्‍वयं की पड़ताल - सामाजिक कार्यकर्ता की विडम्‍बना सार्वजनिक जीवन में सामाजिक कार्यकर्ता की भूमिका कुछ ऐसी है, जैसे तलवार की ध...
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Friday, October 12, 2012

दुनिया के किसी भी आश्‍चर्य से कम नहीं – अजन्‍ता और एलोरा की गुफाएं

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औरंगाबाद से 120 किमी की दूरी पर स्थित अजन्‍ता गुफाएं भारतीय कला और संस्‍कृति की अनूठी मिसाल है। यह अद्भुत ही नहीं अपितु आश्‍चर्यचकित करने व...
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Friday, October 5, 2012

समापन खण्‍ड – विवेकानन्‍द ने अमेरिका में 11 सितम्‍बर 1893 को भारतीय संस्‍कृति को स्‍थापित किया

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खेतड़ी नरेश राजा अजीत सिंह‍ को पुत्र प्राप्ति हुई और तब उन्‍हें स्‍वामीजी का ध्‍यान आया। वे बेचैन हो गए, उन्‍होंने दीवान जी को कहा कि दीवान...
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Friday, September 28, 2012

चतुर्थ खण्‍ड – स्‍वामी विवेकानन्‍द कन्‍याकुमारी स्थित श्रीपाद शिला पर

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सेतुपति से मिलने से पूर्व मद्रास के मन्‍मथ बाबू के साथ स्‍वामी रामेश्‍वरम् की यात्रा के लिए निकले लेकिन मन्‍मथ बाबू को सरकारी काम से नागरको...
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Saturday, September 22, 2012

तृतीय खण्‍ड – विवेकानन्‍द राजस्‍थान में

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गतांक से आगे - तृतीय खण्‍ड स्‍वामी विवेकानन्‍द के लिए राजपुताने का महत्‍व सर्वाधिक रहा है। राजपुताना ही ऐसा प्रदेश था जहाँ उन्‍होंने व्‍या...
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