अजित गुप्‍ता का कोना

श्रीमती अजित गुप्‍ता प्रकाशित पुस्‍तकें - शब्‍द जो मकरंद बने, सांझ की झंकार (कविता संग्रह), अहम् से वयम् तक (निबन्‍ध संग्रह) सैलाबी तटबन्‍ध (उपन्‍यास), अरण्‍य में सूरज (उपन्‍यास) हम गुलेलची (व्‍यंग्‍य संग्रह), बौर तो आए (निबन्‍ध संग्रह), सोने का पिंजर---अमेरिका और मैं (संस्‍मरणात्‍मक यात्रा वृतान्‍त), प्रेम का पाठ (लघु कथा संग्रह) आदि।

Friday, October 12, 2012

दुनिया के किसी भी आश्‍चर्य से कम नहीं – अजन्‍ता और एलोरा की गुफाएं

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औरंगाबाद से 120 किमी की दूरी पर स्थित अजन्‍ता गुफाएं भारतीय कला और संस्‍कृति की अनूठी मिसाल है। यह अद्भुत ही नहीं अपितु आश्‍चर्यचकित करने व...
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Friday, October 5, 2012

समापन खण्‍ड – विवेकानन्‍द ने अमेरिका में 11 सितम्‍बर 1893 को भारतीय संस्‍कृति को स्‍थापित किया

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खेतड़ी नरेश राजा अजीत सिंह‍ को पुत्र प्राप्ति हुई और तब उन्‍हें स्‍वामीजी का ध्‍यान आया। वे बेचैन हो गए, उन्‍होंने दीवान जी को कहा कि दीवान...
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Friday, September 28, 2012

चतुर्थ खण्‍ड – स्‍वामी विवेकानन्‍द कन्‍याकुमारी स्थित श्रीपाद शिला पर

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सेतुपति से मिलने से पूर्व मद्रास के मन्‍मथ बाबू के साथ स्‍वामी रामेश्‍वरम् की यात्रा के लिए निकले लेकिन मन्‍मथ बाबू को सरकारी काम से नागरको...
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Saturday, September 22, 2012

तृतीय खण्‍ड – विवेकानन्‍द राजस्‍थान में

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गतांक से आगे - तृतीय खण्‍ड स्‍वामी विवेकानन्‍द के लिए राजपुताने का महत्‍व सर्वाधिक रहा है। राजपुताना ही ऐसा प्रदेश था जहाँ उन्‍होंने व्‍या...
Wednesday, September 12, 2012

नरेन्‍द्र से स्‍वामी विवेकानन्‍द का निर्माण : भारत का स्‍वाभिमान जागरण

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द्वितीय कड़ी - गतांक से आगे -  उनके पिता सफल एडवोकेट थे और वे अपनी वकालात के सिलसिले में कलकत्ता से बाहर अक्‍सर जाते रहते थे। एक बार वे रा...
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Saturday, August 25, 2012

नरेन्‍द्र से स्‍वामी विवेकानन्‍द का निर्माण : भारत का स्‍वाभिमान जागरण

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स्‍वामी विवेकानन्‍द का यह 150वां जन्‍मशताब्‍दी वर्ष है। यदि नरेन्‍द्र से विवेकानन्‍द बनने की यात्रा पूर्ण नहीं होती तो आज भारत अपना स्‍...
Wednesday, August 8, 2012

उद्देश्‍य रहित जीवन की भी आवश्‍यकता है

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कहते है जीवन का कोई उद्देश्‍य होना चाहिए लेकिन मुझे लगता है कि एक आयु के बाद जीवन उद्देश्‍य रहित होना चाहिए। जब जीवन में उद्देश्‍य लेकर ...
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