अजित गुप्‍ता का कोना

श्रीमती अजित गुप्‍ता प्रकाशित पुस्‍तकें - शब्‍द जो मकरंद बने, सांझ की झंकार (कविता संग्रह), अहम् से वयम् तक (निबन्‍ध संग्रह) सैलाबी तटबन्‍ध (उपन्‍यास), अरण्‍य में सूरज (उपन्‍यास) हम गुलेलची (व्‍यंग्‍य संग्रह), बौर तो आए (निबन्‍ध संग्रह), सोने का पिंजर---अमेरिका और मैं (संस्‍मरणात्‍मक यात्रा वृतान्‍त), प्रेम का पाठ (लघु कथा संग्रह) आदि।

Tuesday, August 30, 2011

आखिर चमत्‍कार हो ही गया - अजित गुप्‍ता

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अभी पूर्व पोस्‍ट में अन्‍ना हजारे के अनशन से जुड़ी कई आशंकाएं थी और किसी चमत्‍कार की उम्‍मीद भर थी। लेकिन चमत्‍कार हुआ और यह चमत्‍कार जनता...
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Sunday, August 14, 2011

दरवाजे अकड़े हैं जनता की तरह, सरकार की अर्गलाएं लातों के सहारे से लगायी जा रही हैं – अजित गुप्‍ता

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बरसात का मौसम है, चहुतरफा हरियाली ने मन मोह रखा है। बारिश टूटकर तो नहीं बरसी लेकिन कभी फुहारें तो कभी कुछ मध्‍यम दर्जे की बारिश ने सरोबार ...
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Wednesday, August 10, 2011

रेल यात्राओं के अनोखे अनुभव - अजित गुप्‍ता

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यात्रा करना हमारे जीवन का अभिन्‍न अंग है। यात्राओं के कितने संस्‍मरण हमारे मस्तिष्‍क पर अपनी छाप छोड़ जाते हैं। न जाने कितने प्रश्‍न भी खड...
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Thursday, August 4, 2011

रेल यात्रा में अपने सामान को छोड़कर जाने से मचा कोहराम - अजित गुप्‍ता

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रेल अपनी पूर्ण गति के साथ धड़धड़ाती चले जा रही थी। सभी यात्री एकदूसरे से अनजान स्‍वयं में ही व्‍यस्‍त थे। किसी ने भी किसी का परिचय नहीं लि...
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Thursday, July 28, 2011

कल वाराणसी जा रही हूँ, आकर मिलती हूँ - अजित गुप्‍ता

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बहुत दिनों बाद पोस्‍ट लिखने का समय मिला है। आज अपनी पसंदीदा ब्‍लोग्स को पहले पढ़ा फिर सोचा कि इस पोस्‍ट के माध्‍यम से अपनी उपस्थिति भी दर्ज ...
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Saturday, July 16, 2011

अभी ब्‍लाग जगत से छुट्टियों के दिन चल रहे हैं - अजित गुप्‍ता

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आज-कल में  आप सभी ने बहुत अच्‍छी पोस्‍ट लिखी होगी, नए विचारों से सभी को अवगत कराया होगा। एक सार्थक विचार विमर्श हो इसका भी मन होगा। टिप्‍पणि...
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Tuesday, June 28, 2011

विवाहित युवतियां आखिर अविवाहित क्‍यों दिखना चाहती हैं? - अजित गुप्‍ता

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बहुत दिनों पूर्व एक कहानी पढ़ी थी, अकस्‍मात उसका स्‍मरण हो आया। कहानी कुछ यूँ थी – एक व्‍यक्ति एक गाँव में जाता है, एक परिवार का अतिथि बन...
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