अजित गुप्‍ता का कोना

श्रीमती अजित गुप्‍ता प्रकाशित पुस्‍तकें - शब्‍द जो मकरंद बने, सांझ की झंकार (कविता संग्रह), अहम् से वयम् तक (निबन्‍ध संग्रह) सैलाबी तटबन्‍ध (उपन्‍यास), अरण्‍य में सूरज (उपन्‍यास) हम गुलेलची (व्‍यंग्‍य संग्रह), बौर तो आए (निबन्‍ध संग्रह), सोने का पिंजर---अमेरिका और मैं (संस्‍मरणात्‍मक यात्रा वृतान्‍त), प्रेम का पाठ (लघु कथा संग्रह) आदि।

Tuesday, April 28, 2009

सफलता का मापदण्‍ड क्‍या?

›
हम अक्‍सर कहते हैं कि हम सफल हुए या असफल ह‍ुए। लेकिन क्‍या है इस सफलता का पैमाना? धन-दौलत का अम्‍बार या पारिवारिक सुख। शिक्षा से मण्डित या अ...
7 comments:
Tuesday, April 14, 2009

लघुकथाएं - महादान, रिश्‍ते और आदत

›
महादान कुछ वर्ष पूर्व राजस्थान के मेवाड़ क्षेत्र में अकाल पड़ा हुआ था। हमने अपनी संस्था के माध्यम से गाँवों में कुएं गहरे कराने का कार्य प्रा...
5 comments:
Tuesday, April 7, 2009

लघुकथाएं - छिलके, अपना प्राप्‍य, फिजूलखर्ची

›
छिलके शहर से 10 किलोमीटर की दूरी पर बसा एक जनजातीय गाँव। अधिकांश लोग या तो खेती करते या फिर शहर में मजदूरी करने आते। एक दिन वहाँ एक क...
5 comments:
Thursday, April 2, 2009

लघुकथाएं : प्रभु की पूजा, बाबा और आम

›
लघु कथाएं गद्य की वो विधा है जो अपनी बात को संक्षिप्‍त रूप में कह देती है। लीजिए लघुकथाएं नियमित रूप से पढ़िए और अपनी टिप्‍पणी भी दीजिए। प्र...
10 comments:
Thursday, March 19, 2009

पुरुष विमर्श - आनन्द खोने का डर

›
पीहर से आते हुए मेरी माँ की मुट्ठी में मेरे मामा चंद रूपए रख देते थे। इसे अनमोल खजाना समझ वह फूली नहीं समाती थी। घर आते ही सहजता और गर्व मिश...
10 comments:
Saturday, March 14, 2009

नारी विमर्श

›
क्या है नारी विमर्श? नारी पर चिंतन कभी थमता क्यों नहीं? समाज का वह कौन सा सत्य है जो नारी को सदैव सुर्खियों में रखता है? कल भी और आज भी, नार...
7 comments:
Saturday, February 28, 2009

बिटिया ने उपहार दिया, मैं नानी बन गयी

›
अभी 28 फरवरी का प्रारम्‍भ होने जा ही रहा था कि मेरी बिटिया ने मुझे बहुत ही सुन्‍दर उपहार दिया, एक नाजुक सी बिटिया और मैं यकायक माँ से नानी ब...
9 comments:
‹
›
Home
View web version

About Me

अजित गुप्ता का कोना
View my complete profile
Powered by Blogger.