अजित गुप्‍ता का कोना

श्रीमती अजित गुप्‍ता प्रकाशित पुस्‍तकें - शब्‍द जो मकरंद बने, सांझ की झंकार (कविता संग्रह), अहम् से वयम् तक (निबन्‍ध संग्रह) सैलाबी तटबन्‍ध (उपन्‍यास), अरण्‍य में सूरज (उपन्‍यास) हम गुलेलची (व्‍यंग्‍य संग्रह), बौर तो आए (निबन्‍ध संग्रह), सोने का पिंजर---अमेरिका और मैं (संस्‍मरणात्‍मक यात्रा वृतान्‍त), प्रेम का पाठ (लघु कथा संग्रह) आदि।

Thursday, March 19, 2009

पुरुष विमर्श - आनन्द खोने का डर

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पीहर से आते हुए मेरी माँ की मुट्ठी में मेरे मामा चंद रूपए रख देते थे। इसे अनमोल खजाना समझ वह फूली नहीं समाती थी। घर आते ही सहजता और गर्व मिश...
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Saturday, March 14, 2009

नारी विमर्श

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क्या है नारी विमर्श? नारी पर चिंतन कभी थमता क्यों नहीं? समाज का वह कौन सा सत्य है जो नारी को सदैव सुर्खियों में रखता है? कल भी और आज भी, नार...
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Saturday, February 28, 2009

बिटिया ने उपहार दिया, मैं नानी बन गयी

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अभी 28 फरवरी का प्रारम्‍भ होने जा ही रहा था कि मेरी बिटिया ने मुझे बहुत ही सुन्‍दर उपहार दिया, एक नाजुक सी बिटिया और मैं यकायक माँ से नानी ब...
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Sunday, February 22, 2009

दिल्‍ली-6 - ढूंढते रह जाओगे, कुछ नहीं पाओगे

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बहुत वर्षों बाद थियटर में फिल्‍म देखनी पड़ी। आग्रह था बिटिया का, वह शुभ समाचार सुनाने वाली है तो उसकी इच्‍छा अभी सर्वोपरि है। फिर शहर में एक ...
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Monday, February 16, 2009

अपनी लकीर को बचाएं

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जीवन में लकीरे जन्म के साथ ही आपकी परछाई की तरह संगिनी बनकर रहती हैं। इनका स्वरूप कभी हाथ की साक्षात् रेखाओं में नजर आता है और कभी भाग्य रे...
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Saturday, February 7, 2009

वेलेन्टाइन डे और बाल विवाह

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प्रेम और विवाह दो अलग-अलग सामाजिक बंधन हैं। प्रेम जहाँ स्वतः स्फूर्त एक निर्मल झरने की तरह मन से फूटा आवेग है वहीं विवाह झरने को एक धारा में...
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Saturday, January 31, 2009

सोने का पिंजर....अमेरिका और मैं

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पढ़े हिन्‍दयुग्‍म.कॉम के बैठक अध्‍याय के अन्‍तर्गत सोने का पिंजर की तीसरी कडी।
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